तम्बाकू का किसी भी रूप में सेवन करना हानिकारक हैं । इससे शरीर का नाश होता हैं ।
मानव शरीर को ऑक्सीजन की आवश्यकता है। उसके स्थान पर तम्बाकू का धुँआ (कार्बनडाईऑक्साइड) प्रवेश
करता है तो उनको खाँसी रोग हो जाता है। पित्त तथा बाई (बाय) का रोग हो जाता है।
तमा + खू = तमाखू।
खू नाम खून का तमा नाम गाय।
सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।।
फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है। इसके ऊपर गाय के बाल जैसे रूंग (रोम) जैसे होते हैं। हे मानव! तेरे को सौ बार सौगंध है कि इस तमाखू का सेवन किसी रूप में भी मत कर। तमाखू का सेवन गाय का खून पीने के समान पाप लगता है।
ऐसे महापाप कभी नहीं करना चाहिए । ऐसी बुरी वस्तु को आज ही छोड़े ।
अगर आप तम्बाकू छोड़ना चाहते हैं और छोड़ नहीं पा रहे हैं तो आप संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर सत भक्ति करे । संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर सत भक्ति करने वाले लाखों लोगों का नशा छूट गया और वे सुखी व निर्मल जीवन जी रहे हैं ।
अवश्य देखें प्रतिदिन 👉 साधना टीवी 7:30 PM
संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेने के लिए 👉 फॉर्म भरे ।
